भीमताल के ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव की धूम,सुख-समृद्धि और सामुदायिक सौहार्द की कामना।

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भीमताल:- ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव 2026 का आयोजन पारंपरिक कुमाऊंनी रीति-रिवाजों, लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था के साथ किया गया। परिसर में “जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा ऊंचा कैलासा की जय” के जयघोष गूंजते रहे। कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर कुमाऊंनी कल्चर एंड हेरिटेज तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा किया गया।

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महोत्सव की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में भव्य कलश यात्रा से हुई। छात्र-छात्राओं ने कलश लेकर श्रद्धापूर्वक यात्रा में भाग लिया। पारंपरिक लखिया भूत, जो वीरभद्र के प्रतीक स्वरूप माने जाते हैं, के नेतृत्व में मां नंदा-सुनंदा का पवित्र डोला यात्रा में शामिल हुआ। झोड़ा नृत्य की थाप, पुष्पवर्षा और शंखनाद ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। भीमताल परिसर के निदेशक ने भी कलश यात्रा में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करते हुए मां नंदा-सुनंदा से शांति, सुख-समृद्धि और सामुदायिक सौहार्द की कामना की।

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इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कुमाऊंनी ऐपण कला से प्रेरित मां नंदा-सुनंदा का हस्तनिर्मित चित्र भी प्रदर्शित किया। लोकनृत्य, नाट्य, कला और पारंपरिक अनुष्ठानों के माध्यम से आयोजित इस महोत्सव ने विद्यार्थियों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उसे संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संदेश दिया।

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