भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर में तीन दिवसीय गणेश चतुर्थी समारोह का समापन पारंपरिक ‘गणपति विसर्जन’ के साथ भावपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। समारोह के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
समारोह का शुभारंभ भगवान गणेश की पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा की विधिवत स्थापना के साथ हुआ था। समापन दिवस पर विद्यार्थियों ने गणेश चतुर्थी के पौराणिक महत्व एवं इससे जुड़ी परंपराओं पर आधारित एक नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्व के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
विसर्जन से पूर्व परिसर में पारंपरिक आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की आराधना कर सुख, समृद्धि एवं सौहार्द की कामना की। पूरा परिसर “गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया” के जयघोष से गूंज उठा।
आरती के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों, भक्तिमय संगीत एवं जयकारों के बीच भव्य शोभायात्रा के रूप में विसर्जन स्थल तक ले जाया गया। शोभायात्रा में विद्यार्थियों ने ढोल की थाप पर नृत्य कर उत्साह व्यक्त किया, वहीं श्रद्धालुओं ने प्रतिमा पर पुष्पवर्षा की। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद भी वितरित किया गया।
गणपति बप्पा को विदाई देते समय परिसर में उत्साह के साथ भावुकता का वातावरण भी देखने को मिला। सभी ने हाथ जोड़कर भगवान गणेश से सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का आशीर्वाद मांगा और अगले वर्ष पुनः उनके आगमन की कामना की।
समारोह में पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा एवं विसर्जन की पहल ने प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चला जा सकता है।
अंत में “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष के साथ तीन दिवसीय गणेश चतुर्थी समारोह का भावपूर्ण समापन हुआ।




