रिपोर्ट:- शीतल तिवारी,नैनीताल।
नैनीताल। नैनीताल ताइक्वांडो क्लब के होनहार खिलाड़ी सागर सिंह अधिकारी का चयन 6वीं एवीएफ एशियन वोविनम चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। जम्मू में आयोजित 15वीं नेशनल वोविनम चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले सागर आगामी 24 से 30 नवंबर तक कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में आयोजित प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
वोविनम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी शंकर महाबले द्वारा जारी आधिकारिक चयन पत्र के अनुसार, सागर का चयन सीनियर वर्ग के अंडर-50 किलोग्राम भार वर्ग में उनके शानदार प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। उन्हें 25 सितंबर से पहले अपनी सहभागिता की पुष्टि कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
सागर की इस उपलब्धि पर छावनी परिषद नैनीताल की सीईओ सुश्री तनु जाट एवं समस्त स्टाफ ने उन्हें बधाई दी है। सीईओ ने घोषणा की कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले नैनीताल ताइक्वांडो क्लब के सागर सहित सभी 13 खिलाड़ियों को जल्द सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सागर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए छावनी परिषद की ओर से हरसंभव वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
आधिकारिक चयन पत्र मिलने के बाद सागर के परिवार, क्लब के खिलाड़ियों एवं छावनी परिषद के कर्मचारियों ने मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। इस अवसर पर उनकी माता लक्ष्मी देवी, पिता चंदन सिंह अधिकारी, बहन दीक्षा अधिकारी और भाई लक्ष्य अधिकारी सहित क्लब के अध्यक्ष एवं मुख्य कोच विश्वकेतु वैद्य, सचिव विनोद कुमार वैद्य, भूमिका बनवाल, योगेंद्र, विभोर भट्ट तथा छावनी परिषद के अजीत कुमार (प्रिंस), अपेक्षा बिष्ट, बहादुर सिंह रौतेला, चंदन सिंह मेहरा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
सागर की सफलता पर क्लब के संरक्षक गोपाल रावत, अध्यक्ष विश्वकेतु वैद्य, सचिव विनोद कुमार वैद्य, भूमिका बनवाल, मानसी बर्गली, अमित कुमार गोड सहित सभी सदस्यों ने हर्ष व्यक्त किया। वहीं, वोविनम एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष ऋषि पाल भारती एवं महासचिव विनोद लखेड़ा समेत पदाधिकारियों ने सागर और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं।
क्लब प्रबंधन एवं खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई कि सागर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर देश, प्रदेश और नैनीताल का नाम रोशन करेंगे। कोचों ने कहा कि सागर की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। नशे से दूरी, संतुलित खान-पान, अनुशासन, नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है। सागर ने अपनी उपलब्धि से पहाड़ की प्रतिभाओं के लिए एक नई मिसाल पेश की है।



