नैनीताल :- नगर की सक्रिय समाज सेवी संस्था ‘जनहित संस्थान’ द्वारा बसों में ओवरलोडिंग एवं इससे होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित बसों की वास्तविक जानकारी के लिए लोक सूचना अधिकारी, परिवहन विभाग से जानकारी प्राप्त की गई जो की वास्तविकता से दूर एवं संतोषजनक नहीं रही।
संस्था की कार्यकारी अध्यक्ष दिव्या साह ने बताया कि, “जैसा कि हल्द्वानी -नैनीताल आने जाने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों को विदित है कि मार्ग पर चलने वाले परिवहन निगम की बसों में बैठकर सफर करना कितना मुश्किल है, कतिपय मार्गो में चलने वाली बसों में हमेशा ओवरलोडिंग बनी रहती है। यहां तक इन बसों में बैठने के लिए यात्रीगण बस के मुख्य द्वार से जाने के साथ-साथ अत्यधिक भीड़ में कुछ यात्री वाहन के खिड़कियों से बस के अंदर घुसते हैं और इन वाहनों की यांत्रिक दशा से आम जनता विज्ञ होने के बाद भी पर्वतीय मार्गौं में ओवरलोडिंग होने के कारण दुर्घटना का कारण बनती है’।उन्होंने कहा कि, ‘इन बसों की वास्तविक जानकारी के लिए ‘जनहित संस्था’ ने लोक सूचना अधिकारी, परिवहन विभाग से जानकारी चाही गई, जिसके उत्तर में परिवहन विभाग ने सूचना दी कि विगत अप्रैल 2026 से जून 2026 तक परिवहन निगम की किसी बस का चालान नहीं किया गया और इसी अवधि में कतिपय मार्गौ पर निजी वाहनों एवं टैक्सियों की चेकिंग कर मात्र 14 चालान ही किए गए। परिवहन विभाग द्वारा दी गयी सूचना को देखा जाए तो यह एक हास्यास्पद सूचना है ।ऐसा लगता है कि विभाग अपने दायित्व के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। वह केवल मार्ग चैकिंग पर अपनी औपचारिकता को पूर्ण करने के करने का दायित्व निभा रहे हैं’।
संस्था ने इस प्रकरण को गंभीर समझते हुए परिवहन विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के संबंध में प्रमुख सचिव, परिवहन ,उत्तराखंड शासन, देहरादून को अवगत कराते हुए यह निवेदन किया है कि कृपया इन परिवर्तन अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए इस संबंध में नियमानुसार उचित कार्यवाही करने की अनुकंपा करें , ताकि पर्वतीय मार्गो में परिवहन निगम और निजी वाहनों की समय-समय पर जांच हो सके , ताकि ओवरलोडिंग पर अंकुश लगने से दुर्घटनाओं की संभावना भी कम हो ।



