भीमताल/नैनीताल:- ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी,परिसर के सेंटर फॉर कुमाऊँनी कल्चर एंड हेरिटेज द्वारा अमेरिका से आए 15 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश विषयक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के लिए पारंपरिक स्वागत किया गया। 6 से 10 मई 2026 तक आयोजित यह कार्यक्रम इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (IKS – Cohort 9) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति की झलक के साथ हुआ। कुमाऊँनी पारंपरिक वेशभूषा में सजे भारतीय विद्यार्थियों ने विदेशी मेहमानों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद विदेशी विद्यार्थियों ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पूरा वातावरण “अतिथि देवो भवः” की भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।इस अवसर पर भीमताल परिसर के निदेशक ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डालते हुए सम्मान, विनम्रता और एकता के मूल्यों को भारतीय समाज की आधारशिला बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को खुले मन से नई संस्कृतियों को अपनाने, विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने तथा भारत में अपने प्रवास को यादगार बनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को हिंदी भाषा की मूलभूत जानकारी भी दी गई। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अंग्रेजी शब्दों को हिंदी लिपि में लिखना सीखा, जिससे उनमें भारतीय भाषाई विरासत के प्रति उत्सुकता और उत्साह देखने को मिला।पहले दिन के समापन पर प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति से जुड़ाव और नए अनुभवों को लेकर उत्साह व्यक्त किया। आगामी दिनों में कार्यक्रम के अंतर्गत भारतीय पौराणिक कथाओं, आयुर्वेद, पारंपरिक कुमाऊँनी व्यंजन, कला, परिधान एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भारतीय ज्ञान प्रणाली की गहन जानकारी प्रदान की जाएगी।


