भीमताल में अंग्रेजों के जमाने के निर्मित डैम के निकासी गेटों की मरम्मत शुरू, PMO की दखल के बाद मिली डैम रिपेयरिंग की स्वीकृति।

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भीमताल। ब्रिटिश कालीन भीमताल डैम में झील के पानी की निकासी वाले गेटों की रिपेयरिंग का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने के बाद डैम के जीर्णोद्धार के लिए केंद्र की विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण किया था l

  1. 7 नए निकासी गेट बनकर डैम पर पहुंच गए हैं और लगाने का कार्य शुरू हो गया है।
  2. भाभा अनुसंधान केंद्र, रुड़की डैम सेफ्टी टीम और केंद्र की विशेषज्ञ टीम ने डैम का बारीकी से सर्वे कर रिपोर्ट बनाई थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर धन स्वीकृत हुआ।
  3. डैम से हो रहे लीकेज को रोकने में वैज्ञानिकों को सफलता मिल चुकी है। अब सिस्टम बाई सिस्टम अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
  4. डैम में कुल 9 निकासी गेट हैं। इनमें से मुख्य गेट पिछले 30 साल से जाम व बंद पड़ा है। इस गेट के बंद होने से झील में गाद-मिट्टी जमा हो रही है और सड़ रही है, जिससे झील की निर्मलता प्रभावित हो रही है।
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पूरन बृजवासी ने सिंचाई विभाग और डैम निगरानी टीम से मांग की है कि 30 साल से बंद पड़े मुख्य गेट को खोलने व ठीक करने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। साथ ही डैम से संबंधित तय सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि झील की निर्मलता और क्षेत्र की जल सुरक्षा बनी रहे।

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