डीएसबी परिसर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कैडेट्स ने शैक्षणिक उत्कृष्टता में प्रथम, नवाचार में द्वितीय और समग्र प्रदर्शन में तृतीय स्थान प्राप्त कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव।
नैनीताल। तमिलनाडु में 23 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक आयोजित ऑल इंडिया इंटर डायरेक्टरेट ड्रोन कैम्प (AIIDDC)-2026 में एनसीसी के उत्तराखण्ड निदेशालय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। देशभर के विभिन्न एनसीसी निदेशालयों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित शिविर में उत्तराखण्ड निदेशालय ने तीन महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अपने नाम कीं।
प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड निदेशालय को शैक्षणिक प्रदर्शन में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जिसके लिए निदेशालय को ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त नवाचार (इनोवेशन) श्रेणी में द्वितीय स्थान तथा शिविर की समग्र रैंकिंग में तृतीय स्थान हासिल कर निदेशालय ने अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की।
इस शिविर में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के दो एनसीसी कैडेट्स ने उत्तराखण्ड निदेशालय का प्रतिनिधित्व किया। इनमें लीडिंग कैडेट नेहा छिमवाल, आईटीईपी विभाग तथा पेटी ऑफिसर कैडेट अमन कुमार, एम.एससी. प्रथम वर्ष शामिल रहे। दोनों कैडेट्स की सहभागिता और प्रयासों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ड्रोन तकनीक, शैक्षणिक गतिविधियों और नवाचार पर केंद्रित इस राष्ट्रीय शिविर में उत्तराखण्ड निदेशालय का प्रदर्शन कैडेट्स की तकनीकी समझ, अनुशासन, टीम भावना और निरंतर परिश्रम का परिचायक है। यह सफलता एनसीसी के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की भावना विकसित करने के प्रयासों को भी रेखांकित करती है।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) सतपाल सिंह बिष्ट ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक भविष्य की अत्यंत संभावनाशील एवं परिवर्तनकारी तकनीकों में से एक है। आने वाले समय में रक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा अनेक विकासात्मक क्षेत्रों में इसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। ऐसे राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण शिविर युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, नवाचार और व्यावहारिक कौशल से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का ऐसे प्रतिष्ठित आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं एनसीसी अधिकारी प्रो. (ले.) रीतेश साह ने भी दोनों कैडेट्स को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक केवल एक आधुनिक उपकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की तकनीकी, सामरिक और विकासात्मक आवश्यकताओं का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है। एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थियों को ऐसी उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण मिलना उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन विकसित करने के लिए सदैव प्रोत्साहन देता रहेगा।
इस उपलब्धि पर एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मृदुल शाह, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राकेश रावत, निदेशक प्रो. संजय पंत तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. चंद्रकला रावत, प्रो ललित तिवाड़ी, प्रो एचसीएस बिष्ट, अशोक उप्रेती ने कैडेट्स नेहा छिमवाल एवं अमन कुमार को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी एनसीसी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।







