रिपोर्ट:- रविन्द्र फर्त्याल, नैनीताल।
नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डी.एस.बी.परिसर में सोमवार को ‘पुस्तकदान महोत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पुस्तकों की पहुंच सुनिश्चित करना है। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के सौजन्य से आयोजित इस महोत्सव में पुस्तकों के महत्व पर जोर दिया गया एवं डिजिटल दौर में विद्यार्थियों के बीच किताबों से बढ़ती दूरी को कम करने और पढ़ने की आदत को फिर से विकसित करना रहा।
कार्यक्रम में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट और उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी मौजूद रहे। प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि, आज के इस दौर में इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी हमेशा प्रमाणिक नहीं होती, जबकि पुस्तकों को लेखन,संपादन और प्रूफ रीडिंग की प्रक्रिया से गुजरने के बाद प्रकाशित किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से इंटरनेट और पुस्तकों के बीच संतुलन बनाकर अध्ययन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने नोट्स किताबों से तैयार करने चाहिए, ताकि उन्हें प्रमाणिक और विश्वसनीय जानकारी मिल सके। साथ ही कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी प्रश्नों के साथ संबंधित पुस्तक, अध्याय और संस्करण का उल्लेख किया जाता है, जिससे प्रश्नों की प्रमाणिकता बनी रहती है। पुस्तकदान महोत्सव इसी सोच के साथ आयोजित किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को पुस्तकों के महत्व का अहसास कराया जा सके।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रॉफ नवीन चंद्र लोहानी ने कहा कि इंटरनेट और पुस्तकें एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि ज्ञान प्राप्ति के पूरक माध्यम हैं। इंटरनेट जहां त्वरित जानकारी उपलब्ध कराता है, वहीं पुस्तकों के अध्ययन से विषय की गहरी और क्रमबद्ध समझ विकसित होती है। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ अपने नोट्स तैयार करने की आदत भी डालनी चाहिए। उन्होंने भविष्य में भी पुस्तक मेलों और पुस्तक दान जैसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच विद्यार्थियों में पुस्तकों को पढ़ने की आदत कम होने पर चिंता व्यक्त की, ऐसी स्थिति में बच्चों को किताबों के महत्व से परिचित कराने और उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।







