पत्रकारिता, साहित्य और अध्यापन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हुआ चयन, मुख्यमंत्री करेंगे सम्मानित
नैनीताल। नगर के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को राज्य के सर्वोच्च सम्मान ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। पत्रकारिता, साहित्य लेखन, शोध एवं अध्यापन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित किया है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी एवं एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
डॉ. तिवारी ने पत्रकारिता, हिंदी साहित्य, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से प्रतिष्ठित ‘राजभाषा गौरव सम्मान’ भी प्राप्त हो चुका है। देशभर के 13 लेखकों में उत्तराखंड से यह सम्मान प्राप्त करने वाले वह एकमात्र लेखक रहे हैं। साथ ही वह उत्तराखंड के पहले पत्रकार हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ।
उनकी उपलब्धियों का दायरा राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है। उन्हें अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस स्थित भारतीय दूतावासों के अलावा थाईलैंड और सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने पत्रकारिता विषय पर तीन पुस्तकों का लेखन किया है। उनकी एक पुस्तक का विमोचन मॉरीशस के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में किया था। इसके अलावा उनके दो दर्जन से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं तथा एक हजार से अधिक लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
डॉ. तिवारी को उत्तराखंड रत्न, राज्य सूचना आयोग का आरटीआई अवार्ड, अंतरराष्ट्रीय भारत सम्मान और अचीवर्स अवार्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। हाल ही में उन्हें उनकी चर्चित पुस्तक ‘अतीत से वर्तमान तक : नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए राजभाषा गौरव सम्मान प्रदान किया गया था।
डॉ. तिवारी का उत्तराखंड गौरव सम्मान के लिए चयन नैनीताल सहित पूरे प्रदेश के पत्रकारिता, साहित्य और शैक्षणिक जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से नगर में हर्ष का माहौल है।






