नैनीताल:- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के अथक प्रयासो से घर से भटक कर बिहार से हल्द्वानी पहुंची एक अज्ञात बालिका आखिरकार पांच माह बाद अपने परिवार से मिल गई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के प्रयासों से बालिका के परिजनों का पता लगाया गया और बुधवार को उसे सकुशल उसके पिता एवं बड़े भाई के सुपुर्द कर दिया गया।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के आदेशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल की सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन श्रीमती पारुल थपलियाल के निर्देशन में पैरा लीगल वालंटियर श्रीमती उमा भंडारी द्वारा नारी निकेतन हल्द्वानी में रह रही एक अज्ञात बालिका की पहचान और उसके परिजनों को तलाशने के लिए लगातार प्रयास किए गए, बताया गया कि यह बालिका 2 अप्रैल 2026 को बिहार से हल्द्वानी पहुंची थी। वह अपना नाम, पता अथवा अपने किसी परिजन के संबंध में कोई जानकारी देने में असमर्थ थी। ऐसे में उसकी पहचान स्थापित करना और परिवार तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया था। पहचान संबंधी दस्तावेज और आधार कार्ड की जानकारी उपलब्ध न होने के कारण परिजनों की तलाश में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल की सचिव श्रीमती पारुल थपलियाल के निर्देशन एवं पैरा लीगल वालंटियर श्रीमती उमा भंडारी के अथक प्रयासों के बाद आखिरकार बालिका के आधार संबंधी विवरण का पता लगाया गया। इसके माध्यम से उसके परिवार और परिजनों तक पहुंचने में सफलता मिली।लगातार प्रयासों के बाद बुधवार 9 सितंबर 2026 को बालिका को सकुशल एवं स्वस्थ अवस्था में उसके पिता और बड़े भाई के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपनी बेटी को वापस पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस मानवीय पहल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सफल प्रयास ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही दिशा में किए गए निरंतर प्रयास किसी बिछड़े हुए व्यक्ति को उसके अपनों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




