आलेख एवं संकलन – बृजमोहन जोशी, नैनीताल।
अल्मोड़ा:- स्वर्गीय श्री सोबन सिंह जीना विकास पुरुष शिक्षा विद और जनसंघ के संस्थापक सदस्य तथा भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष,पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री (उत्तर प्रदेश) रहे। आपने शिक्षा एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
आपका जन्म मेरे (बृजमोहन जोशी) पैतृक गांव सुनोली अल्मोड़ा, (उत्तराखंड) में ०४ अगस्त १९०९ को स्वर्गीय प्रेम सिंह जीना जी के घर में हुआ।
ईष्ट देव के पूजन हेतु मैं अपने भाईयों आनन्द बल्लभ जोशी, रमेश चंद्र जोशी,भूवन चन्द्र जोशी जी के साथ आज अपने ग्राम सुनोली अल्मोड़ा गया था जहां सोबन सिंह जीना जी के पैतृक आवास मे जाने का अवसर मिला। उनके इस आवास पर सोबन सिंह जीना जी की बहू श्रीमती मुन्नी जीना धर्मपत्नी स्वर्गीय सबजीत जीना जी से एक भेंट वार्ता हुई।
उन्होंने बतलाया की सोबन सिंह जीना का जन्म इसी घर में हुआ तथा उनकी प्रारम्भिक शिक्षा भी इसी गांव में हुई।उन्होंने यह भी बतलाया कि सुनोली गांव में उनके सम्मान में एक पुस्तकालय/ संग्रहालय तथा उनकी मूर्ति स्थापित की गयी है तथा अल्मोड़ा में अल्मोड़ा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय तथा हल्द्वानी में सोबन सिंह जीना चिकित्सालय की स्थापना भी की गयी है।
आज भी इस अंचल में जीना जी को बड़े ही आदर व सम्मान के साथ विकास पुरुष के रूप में याद किया जाता है। उनकी बहू मुन्नी जीना का कहना है कि उनके इस पैतृक आवास को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में, एक संग्रहालय के रूप में रखा जाना चाहिए क्योंकि इसी घर में उनका जन्म हुआ है। इस घर के सम्बन्ध में तथा सोबन सिंह जीना जी के कृतित्व व व्यक्तित्व पर उन्होंने बहुत विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीना जी निस्वार्थ सेवा करने वाले सच्चे देशभक्त, समाज सुधारक, शिक्षा शास्त्री, विकास पुरुष, स्वाभिमानी, निर्भीक, त्याग एवं सादगी की प्रतिमूर्ति तथा सात्विक जीवन यापन करने वाले महान कर्मयोगी महापुरुष थे।





