आभार:- बृजमोहन जोशी, नैनीताल।
नैनीताल:- श्री मां नयना देवी जन्म शताब्दी समारोह के शुभ अवसर पर श्री मां नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट द्वारा दिनांक १५ जून से २३ जून २०२६ तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आज पंचम दिवस प्रातःकाल आचार्य – मोहन चंद त्रिपाठी सामवेदाचार्य, ब्रह्मा- मुकेश चन्द्र जोशी (शास्त्री), उप व्यास – गिरीश चंद्र तिवारी, तथा व्यास- पण्डित चन्द्रशेखर अधिकारी जी द्वारा विधिवत पूजन अर्चन किया गया।
व्यास जी पण्डित चन्द्रशेखर अधिकारी जी द्वारा आज पंचम दिवस की कथा का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ किया।व्यास जी ने कहा कि आज हम प्रदुषण की बात करते हैं,जल प्रदुषण,वायु प्रदुषण किन्तु मन को स्वस्थ रखने के लिए भजन सत्संग कीर्तन ही एक मात्र साधन है। आज नैतिक, चारित्रिक, वैचारिक प्रदुषण हो रहा है अच्छाईयां कम होती जा रही हैं। व्यास जी ने कहा कि कथा चित् को पावन करती है।
कथा में बैठ जाना सरल है किन्तु मन का लग जाना कठिन है। हम सभी परमात्मा के किरायेदार है।यह शरीर रूपी मकान तो हमें खाली करना ही पड़ेगा। हमारे कृत्य सदा स्मरणीय बन्दनीय होते हैं।
इसके बाद नवरात्र व्रत के माहात्म्य को विस्तार पूर्वक समझया। वासंतिक और शारदीय नवरात्र में किस तरह प्रकृति कूपित रहती है इसकी जानकारी दी। व्यास जी ने बतलाया कि संत लोग नमक को राम रस कहते हैं। नवरात्र में कन्या पूजन के महत्व की जानकारी दी। व्यास जी ने यह भी कहा कि हमें अपनी सामर्थ्य के अनुसार व्रत करना चाहिए।
व्यास जी ने कथा के साथ साथ बहुत ही सुन्दर सुन्दर भजनों का गायन भी किया –
हमने आंगन नहीं बुहारा कैसे आयेंगे भगवान…..
दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया…. मां भगवती के विविध रुपों का वर्णन किया। व्यास जी बतलाया कि महर्षि नारद जी के कहने पर भगवान श्री राम ने भी नवरात्र व्रत किया था। व्यास जी ने कहा कि सनातन की यह महिमा है कि जितनी आत्मीयता यहां मिलती है उतनी और कहीं नहीं,तभी तो भारत धर्म गुरु है।
इसके बाद रामकथा के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी व्यास जी ने कहा कि चौदह अवतारों में यह सबसे महान अवतार है। अशोक वाटिका का सुन्दर वर्णन इस भजन से किया –
कोई आया सखी फुलवरिया में जैसे जादु हो उनकी नजरिया में… भरत की महिमा की जानकारी दी। व्यास जी ने कहा कि महादेव जी ने भी यह व्रत को किया था। व्यास जी ने कहा कि देव कार्य को भगवान संभालते हैं।
आज के यजमानों में मुख्य यजमान थे – श्रीमती देवन चौधरी एवं श्री मनोज चौधरी, श्रीमती मीता साह एवं श्री राजीव लोचन साह, श्रीमती नीमा जोशी एवं श्री कमल जोशी।
संगीत के कलाकारों के द्वारा कथा प्रारम्भ होने से पहले तथा कथा के विश्राम के बाद भी बहु ही सुंदर सुंदर भजनों-
जय जगजननी नमो नमो मां…करो कल्याण भवानी मेरी अम्बे भवानी…. मेरी अम्बे जगदम्बे मेरी फरियाद सुन लेना… झोली मेरी भरदो ओ कैलाश वाले… तथा हनुमान चालीसा पाठ का गायन किया गया। संगीत गायन वादन के कलाकारों में लोकेश पंत, पण्डित राधा कान्त शर्मा, कपिल जी ने सहभागिता की। इस शुभ अवसर पर श्री मां नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह जी, घनश्याम लाल साह, प्रदीप शाह, हेमंत साह,किशन सिंह नेगी, शैलेन्द्र मिलकानी,शैलेश साह,आचार्य बसन्त बल्लभ पाण्डे, बसन्त बल्लभ जोशी, चन्द्र शेखर तिवारी,नवीन तिवारी,भुवन काण्डपाल,गणेश बहुगुणा,अमिता साह,सुमन साह,मंजु रौतेला,राजीव दूबे ,पान सिंह ढैला ,भुवन सिंह, एस.एस.यादव , श्रीमती शालिनी शाह मून बहादुर शाह आदि उपस्थित रहे।




