कुमाऊँ विश्वविद्यालय में नैक व एनआईआरएफ की मैराथन समीक्षा बैठक, विश्वविद्यालय के भविष्य की रूपरेखा तय।

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नैनीताल:-कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत की अध्यक्षता में आज आईक्यूएसी एवं एनआईआरएफ से संबंधित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मैराथन बैठक आयोजित की गई, जो 6 घंटे से अधिक समय तक चली। यह बैठक विश्वविद्यालय की दिशा तय करने तथा उसके भविष्य को आकार देने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
कुलपति प्रो. रावत ने विश्वविद्यालय की रैंकिंग, शोध-संस्कृति और गुणवत्ता संवर्धन के लिए कई महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना, केंद्रीकृत शोध सुविधाओं को सुदृढ़ करने, कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी के लिए परियोजना अवसर उपलब्ध कराने, स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति तथा डीएसटी -फिस्ट और सैप जैसी विभागीय मान्यताओं के लिए प्रयास तेज करने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एक्यूएआर –25 को अत्यंत सावधानी और सटीकता के साथ भरना अनिवार्य है, ताकि 2026 में प्रस्तावित नैक साइकिल में कुमाऊँ विश्वविद्यालय उत्कृष्ट रैंकिंग प्राप्त कर सके।
बैठक के अंत में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के समग्र विकास हेतु सभी समितियों के साथ नियमित संवाद और सतत निगरानी की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
बैठक में विभिन्न मानदंडों के अंतर्गत प्रस्तुतियों का विस्तृत अवलोकन किया गया और नैक पीयर टीम द्वारा पूर्व में दिए गए सुझावों पर हुई प्रगति का गंभीर मूल्यांकन किया गया।
आईक्यूएसी निदेशक प्रो. संतोष कुमार ने नैक की संशोधित रूपरेखा, पीयर टीम की सिफारिशों तथा अब तक संकलित डेटा की स्थिति प्रस्तुत की। वहीं एनआईआरएफ रैंकिंग संबंधी प्रगति का प्रस्तुतीकरण प्रो. अर्चना नेगी साह ने किया।
सभी सदस्यों ने विभिन्न मानदंडों के अंतर्गत डेटा एकत्रण, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजना पर अपने विचार साझा किए।
बैठक में प्रो. गीता तिवारी, प्रो. आशीष, डॉ. नंदन बिष्ट, डॉ. हर्ष चौहान, डॉ. ऋचा गिनवाल, डॉ. अमनप्रीत, डॉ. अशोक और डॉ. सरोज उपस्थित रहे।

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