नैनीताल:- कुमाऊँ विश्वविद्यालय को माननीय कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत प्रयासों के फलस्वरूप पीएम-उषा योजना के अंतर्गत मेरु (MERU – Multidisciplinary Education and Research University) का गौरवपूर्ण दर्जा प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित पीएम-उषा के सेमीकंडक्टर स्किलिंग कार्यक्रम के अंतर्गत कुमाऊँ विश्वविद्यालय के 25 विद्यार्थियों का चयन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में आयोजित दो सप्ताह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु किया गया है। इस प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, चिप निर्माण, डिजाइन, परीक्षण तथा उद्योग में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ की गई इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं नवाचार का प्रमुख केन्द्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान समय में सेमीकंडक्टर उद्योग विश्व की सबसे तीव्र गति से विकसित होने वाली प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक शाखाओं में से एक है। इस क्षेत्र में आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर सृजित होने की संभावना है।
आईआईटी मद्रास में प्राप्त होने वाला यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करेगा तथा उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय कंपनियों, विनिर्माण इकाइयों, तकनीकी फर्मों, एवं स्टार्टअप्स में रोजगार भी उपलब्ध कराएगा ।इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को उद्योग जगत से प्रत्यक्ष परिचय प्राप्त होगा तथा उनके लिए रोजगार संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे।
कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा तथा उन्हें भारत के उभरते सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर निर्माण के लिए तैयार करेगा।


