कुमाऊँ विश्वविद्यालय में पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी का भव्य अभिनंदन,’स्कूल टू यूनिवर्सिटी’ पहल के अंतर्गत 17 विद्यालयों के मेधावी छात्र हुए सम्मानित।

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“विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए विचार एक होना चाहिए”: भगत सिंह कोश्यारी

नैनीताल:-कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के डी. एस. बी. परिसर स्थित ए. एन. सिंह सभागार में रविवार को उत्तराखण्ड के वरिष्ठ जननेता, पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र एवं गोवा के पूर्व राज्यपाल तथा हाल ही में पद्म भूषण से सम्मानित माननीय भगत सिंह कोश्यारी के अभिनंदन एवं सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की अभिनव “स्कूल टू यूनिवर्सिटी” पहल के अंतर्गत नैनीताल नगर के 17 विद्यालयों के कक्षा 10 एवं 12 के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि भगत सिंह कोश्यारी, विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना तथा कुलगीत के साथ हुआ । विश्वविद्यालय के कुलपति ने शॉल, स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर श्री कोश्यारी का अभिनंदन किया तथा उनके दीर्घ सार्वजनिक जीवन, सादगी, राष्ट्रसेवा एवं शिक्षा के प्रति समर्पण को विश्वविद्यालय परिवार के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
स्वागत उद्बोधन के उपरांत विश्वविद्यालय की विगत तीन वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया तथा भगत सिंह कोश्यारी के जीवन एवं सार्वजनिक योगदान पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय द्वारा उनका औपचारिक अभिनंदन एवं सम्मान संपन्न हुआ ।
अपने उद्बोधन में भगत सिंह कोश्यारी ने विश्वविद्यालय परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “व्यक्ति की राजनीतिक अथवा सामाजिक विचारधारा भिन्न हो सकती है, किन्तु राष्ट्र निर्माण के लिए हमारा विचार,संकल्प और उद्देश्य एक होना चाहिए। विकसित भारत का निर्माण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है । “
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि विज्ञान, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय से समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कुमाऊँ विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शोध, नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च
शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय को नए शैक्षणिक एवं अनुसंधानात्मक कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया ।
समारोह के विशेष आकर्षण के रूप में “स्कूल टू यूनिवर्सिटी” पहल के अंतर्गत नैनीताल नगर के 17 विद्यालयों के कक्षा 10 एवं 12 के विद्यालय टॉपर छात्र-छात्राओं को श्री कोश्यारी के कर कमलों से सम्मानित किया गया।
उन्होंने सभी मेधावी विद्यार्थियों को उज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगीत विभाग के कलाकारों की एकल प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावविभोर किया, वहीं तिब्बती समुदाय के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्य ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता की मनोहारी छटा बिखेरी।

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कार्यक्रम के दौरान नैनीताल जनपद की विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं जनप्रतिनिधि संस्थाओं ने भी भगत सिंह कोश्यारी का अभिनंदन एवं सम्मान किया। इनमें तिब्बती समाज, वाल्मीकि समाज, लेक सिटी वेलफेयर सोसायटी, अखिल भारतीय महिला सम्मेलन, शारदा संघ, श्री राम सेवक सभा, कुमाऊँ विश्वविद्यालय पूर्व छात्र परिषद, शिक्षक संघ, कर्मचारी संगठन सहित अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं ने सहभागिता की ।
इस अवसर पर पद्मश्री अनूप शाह तथा नैनीताल नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए भगत सिंह कोश्यारी के सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा एवं उत्तराखण्ड के विकास में उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया।
समारोह में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता श्री बाबुलकर, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के लोकपाल प्रो.आर. एस. पाथनी, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एन. एस. बिष्ट, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य स्थायी अधिवक्ता श्री पूरन, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. के. बी. मेलकानी, प्रो. डी. एस. कार्की,प्रो. ए. बी. मेलकानी, प्रो. सी. के. पंत, प्रो. चित्रा पाण्डे, प्रो. निर्मला ढैला, प्रो. मीना पाथनी तथा प्रो. डी. एस.बिष्ट, वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्य आन्दोलकारी श्री राजीव लोचन शाह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त श्रीमती शांति मेहरा, श्री अनिल कपूर ‘डब्बू’, ध्रुव रौतेला, दिनेश आर्य, देवेन्द्र ढैला, मोहन पाठक, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट, विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा नैनीताल एवं आसपास के क्षेत्रों से आए अनेक गणमान्य नागरिकों ने समारोह की गरिमा बढ़ाई।
समारोह में विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, डी. एस. बी. एवं भीमताल परिसरों के शिक्षक, अधिकारी,कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र – छात्राओं के साथ-साथ संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। नैनीताल नगर तथा आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न वर्गों के नागरिक भी इस
ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित रहे ।
यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि एक ही मंच पर उत्तराखण्ड के सार्वजनिक जीवन की एक जीवंत प्रेरणा एवं जननायक पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी का अभिनंदन तथा प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यालयों के मेधावी छात्र – छात्राओं का सम्मान संपन्न हुआ। समारोह ने अनुभव और युवा ऊर्जा, प्रेरणा और प्रतिभा,परंपरा और भविष्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने श्री कोश्यारी के प्रेरक उद्बोधन एवं आशीर्वचन से गहन प्रेरणा प्राप्त की तथा राष्ट्र निर्माण, उत्कृष्ट शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया। उपस्थित जनसमुदाय ने इस आयोजन को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इतिहास के अत्यंत गरिमामय एवं स्मरणीय आयोजनों में से एक बताया।
कार्यक्रम के अंत में डी. एस. बी. परिसर की निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा ने प्रभावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
उन्होंने मुख्य अतिथि एवं मंचासीन सभी विशिष्ट अतिथियों तथा समारोह में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों के प्रति विश्वविद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उन सभी अतिथियों का अभिनंदन किया, जिन्होंने प्रतिकूल मौसम एवं लंबी यात्रा के बावजूद इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा बढ़ाने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रो. शर्मा ने “स्कूल टू यूनिवर्सिटी” पहल के अंतर्गत सम्मानित सभी विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों का भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का क्षण है कि उन्हें उत्तराखण्ड के एक महान जननेता एवं प्रेरणास्रोत श्री कोश्यारी के कर-कमलों से सम्मान प्राप्त करने के साथ-साथ उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग प्रदान करने वाले विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा आयोजन समिति के प्रत्येक सदस्य के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की।

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