भीमताल की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने दिया मांग-पत्र, लंबित मूलभूत समस्याओं का हो समाधान ।

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भीमताल :– पर्यटन नगरी भीमताल की दशकों से लंबित मूलभूत समस्याओं के समाधान को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने मुख्यमंत्री को 20 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री के भीमताल आगमन पर ‘देवतुल्य जनता’ की ओर से सौंपे गए इस मांग-पत्र में झील के उद्धार, प्राधिकरण की मनमानी से लेकर तहसील के खोलने तक की मांगें शामिल हैं।

मांग-पत्र की प्रमुख मांगें:

  1. भीमताल झील का उद्धार: 1998 से झील की तलहटी में जमी सिल्ट-गंदगी को हटाने और 3 दशक से बंद डैम के मुख्य गेट को बदलने की मांग।
  2. सूखे जल स्रोत का पुनर्जीवन: 2022 में अचानक सूखे पशु अस्पताल समीप स्थित प्राचीन जल स्रोत की उच्चस्तरीय जांच कर पुनर्जीवित करने की मांग।
  3. औद्योगिक घाटी में रोजगार: बंद पड़ी कंपनियों को खोलने और बंजर सिडकुल क्षेत्र में स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार सृजन की मांग।
  4. उप जिला अस्पताल व बस स्टेशन: 2 दशक से लंबित रोडवेज बस स्टेशन व उप जिला अस्पताल खोलने की मांग।
  5. प्राधिकरण नियमों में ढील: स्थानीय लोगों की पैतृक जमीनों को विभिन्न जोन से मुक्त कर मकान-दुकान बनाने में रियायत देने की मांग।
  6. ढूंगशील पहाड़ी का ट्रीटमेंट: आपदा ग्रस्त ढूंगशील पहाड़ी का वैज्ञानिक तरीके से स्थाई उपचार कराने की मांग।
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इसके अलावा भीमताल-नौकुचियाताल मार्ग का सौंदर्यीकरण, 9 वार्डों में पेयजल समस्या का स्थाई समाधान, गौशाला निर्माण, कूड़ा निस्तारण हेतु भूमि, वार्ड-3 में खेल मैदान, सिंचाई नहर जीर्णोद्धार, ड्रेनेज सिस्टम सुधार, भीमताल को तहसील का दर्जा, सार्वजनिक पुस्तकालय, पर्यटन सूचना केंद्र एवं आपदा प्रबंधन केंद्र की स्थापना जैसी मांगें प्रमुख हैं।
मांग-पत्र सौंपने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने कहा, “झीलों की नगरी भीमताल मूलभूत सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रही है। झील में गंदगी, सूखते जल स्रोत, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव यहां की सबसे बड़ी समस्या है। हमें पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में भीमताल को उसका खोया गौरव पुनः प्राप्त होगा। ये 20 मांगें नहीं, भीमताल की सांसें हैं।”

बृजवासी ने बताया कि सभी मांगें वर्षों से लंबित हैं और जनहित में इनका शीघ्र निस्तारण आवश्यक है। समस्त नगरवासियों ने मुख्यमंत्री से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर त्वरित कार्यवाही एवं स्वीकृति की अपील की है।

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