नैनीताल:- कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डी.एस.बी. परिसर में एनसीसी कैडेट्स के लिए दो दिवसीय प्रिसीजन शूटिंग कैंप का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में राष्ट्रीय कैडेट कॉर्प्स की विभिन्न इकाइयों—डी.एस.बी. परिसर, 79 बटालियन आर्मी, 05 यूके नेवल यूनिट एनसीसी, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक नैनीताल तथा ग्राफ़िक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुल 100 कैडेट्स प्रतिभाग कर रहे हैं।
शिविर में कैडेट्स को निशानेबाजी की बारीकियों, हथियार संचालन, लक्ष्य साधने की तकनीक, सुरक्षा मानकों एवं मानसिक एकाग्रता का प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों सूबेदार प्रदीप रोका एवं हवलदार कमान सिंह द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को प्रिसीजन शूटिंग की आधुनिक तकनीकों एवं फायरिंग अनुशासन से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए डी.एस.बी. परिसर की कार्यवाहक निदेशक प्रो. चंद्रकला रावत ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि “फायरिंग में सही निशाना लगाना जितना आवश्यक है, जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे साधना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और आत्मविश्वास व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता की ओर अग्रसर करते हैं। उन्होंने कैडेट्स से इस प्रशिक्षण को केवल तकनीकी अभ्यास न मानकर व्यक्तित्व विकास और आत्मनिर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
एनसीसी अधिकारी सब लेफ्टिनेंट प्रो. रीतेश साह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए निशानेबाजी के तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शूटिंग केवल लक्ष्य भेदन की कला नहीं, बल्कि धैर्य, मानसिक संतुलन, एकाग्रता, शारीरिक नियंत्रण और त्वरित निर्णय क्षमता का समन्वय है। उन्होंने कैडेट्स को राइफल शूटिंग, पिस्टल शूटिंग तथा सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण की बारीकियों से अवगत कराते हुए बताया कि नियमित अभ्यास और सही तकनीक से कैडेट्स राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि निशानेबाजी में दक्षता खेल जगत के साथ-साथ रक्षा सेवाओं, पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों में भी बेहतर अवसर प्रदान करती है।
वहीं सीटीओ प्रो. आशीष मेहता ने कैडेट्स को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कैडेट्स से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में इस अत्याधुनिक फायरिंग सुविधा की स्थापना प्रो. (कर्नल) दीवान एस. रावत की पहल पर की गई थी। कुमाऊँ विश्वविद्यालय कैडेट्स के प्रशिक्षण हेतु फायरिंग रेंज एवं शूटिंग सिम्युलेटर स्थापित करने वाला क्षेत्र का अग्रणी विश्वविद्यालय है। यह सुविधा न केवल एनसीसी कैडेट्स को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं एवं रक्षा सेवाओं के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



