नैनीताल:- एक संयुक्त बयान में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, महिला मंच, उत्तराखंड लोक वाहिनी और उत्तराखंड इंसानियत मंच ने कहा कि परीक्षाओं मे हो रहे पेपर लीक मामलों और इसके कारण दो दर्जन छात्रों की मौत से पूरे देश में असंतोष है। छात्रों, युवाओं और आम जनता सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ सड़कों पर है। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए जिस तरह का दमनात्मक रवैया अपनाया गया, वह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
नैनीताल में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, महिला मंच, उत्तराखंड लोक वाहिनी और उत्तराखंड इंसानियत मंच ने एक संयुक्त बैठक कर सरकार के छात्र विरोधी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। इन संगठनों के प्रतिनिधि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन में न केवल भाग लिया, बल्कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को गैरकानूनी तरीके से दिल्ली जाने से रोकने के लिए ऋषिकेश से गिरफ्तार किए जाने की निंदा की है। उल्लेखनीय है कि प्रभात ध्यानी को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह दिल्ली जाने के लिए ऋषिकेश रेलवे स्टेशन गये थे। इस तरह की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे ‘सरकार की गुंडागर्दी’ कहा है। देहरादून में छात्र-युवाओं ने जिस तरह का प्रदर्शन किया वह बताता है कि राज्य में भी युवा अपने हकों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं।
जन संगठनों ने इस आंदोलन में अपनी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि सरकार ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को जिस तरह छिन्न-भिन्न किया है। सरकार की नीतियां पूरी शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। यही कारण है कि देश में तकरीबन एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो गये हैं। देश में बढ़ रही बेरोजगारी, समाप्त होती नौकरियां, संविदा, ठेकेदारी प्रथा ने लोगों के रोज़गार पर डाका डाला है। इन सब वजह से छात्रों-युवाओं मे भारी असंतोष है, अब वह अपने हकों के लिए इस जनविरोधी सरकार का प्रतिकार कर रही है। जन संगठनों ने उत्तराखंड के तमाम सवालों पर भी एकजुटता पर जोर दिया है। राज्य में बेरोज़गारी, बढते अपराध, बदरी-केदार मंदिर समिति में घोटाला, जंगली जानवरों के खतरे, स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में हो रही प्रसूताओं की मौत, मोहान में सरकारी कंपनी को निजी हाथों में सौंपने, राज्य बनने के पच्चीस साल बाद बदतर होती हालात ने राज्य की अवधारणा को ही समाप्त कर दिया है। इन सबके खिलाफ लोग सड़कों पर हैं। इन संघर्षों की एकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयोजक पीसी तिवारी, महिला मंच की अध्यक्ष कमला पंत, लोक वाहिनी के अध्यक्ष राजीवलोचन साह, परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, उत्तराखंड इंसानियत मंच के नंदनंदन पांडे और सामाजिक कार्यकर्ता चारु तिवारी मौजूद थे।



