नैनीताल में हरेला पर्व पर ठंडी सड़क में चला वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान,पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान।

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नैनीताल:- नगर में हरेला पर्व के अवसर पर नैनीताल एक्वाटिक एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) एवं 79 यूके बटालियन एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को नगर की ऐतिहासिक ठंडी सड़क पर वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान में नासा के सदस्यों, 79 यूके बटालियन एनसीसी के जवानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस दौरान पांगर, पुतली, पदम एवं तिमूर के पौधों का रोपण किया गया। साथ ही ठंडी सड़क एवं आसपास के क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट एकत्र किए गए। प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
नासा के अध्यक्ष यशपाल सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने तथा वृक्षारोपण एवं स्वच्छता को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
प्रो. रीतेश साह ने कहा कि हरेला उत्तराखण्ड की प्रकृति-पूजक संस्कृति का प्रतीक है। यह पर्व केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुरक्षित रखने का संकल्प है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नीतिका मेहता, सागर देवराड़ी, भूपाल सिंह बिष्ट, रोहित गर्ग, शिखा रावत, प्रो. आशीष मेहता, विक्रम, मनीष, धीरज बिष्ट, कमल किशोर, मनमोहन चिलवाल, हर्षवर्धन छाबड़ा, करण साह, शिवानी, पंकज, कार्तिकेय, यश गर्ग, कृतार्थ, क्लीन नैनीताल टीम के सदस्य तथा सूबेदार मेजर चंचल सिंह, सूबेदार त्रिभुवन, सूबेदार प्रदीप रोका, हवलदार दीपक सिंह, हवलदार किशोर सिंह, हवलदार कैलाश सिंह, हवलदार जीवन सिंह सहित सेना के जवान तथा नासा के सदस्य उपस्थित रहे।

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