जिलाधिकारी ने दिए नगर में स्थापित हाईड्रेंट के निरीक्षण के निर्देश,तीन अधिकारियों की टीम गठित।

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नैनीताल:- जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने नैनीताल नगर में हो रही अग्निकांड की घटनाओं को गंभीरतापूर्वक लेते हुए तीन अधिकारियों की टीम गठित कर नगर में स्थापित हाईड्रेंट का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के दिए निर्देश।

जिलाधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि नैनीताल नगर एक ब्रिटिश कालीन पर्वतीय बस्ती है, जिसकी पुरातन इमारतें प्रायः काष्ठ-आधारित संरचना पर निर्मित हैं। इस प्रकार की निर्माण शैली अग्निकाण्ड की स्थिति में उच्च जोखिम वाली मानी जाती है। उन्होंने हाल ही में घटित घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि नगर क्षेत्र में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, विशेषकर फायर हाइड्रेट्स की कार्यशीलता एवम् पहुँच क्षमता का सम्यक आकलन किया जाना आवश्यकीय है।
इसके मद्देनजर जिलाधिकारी ने परगना अविकारी, नैनीताल, अधिशासी अभियंता उत्तराखंड जल संस्थान नैनीताल तथा अग्निशमन अधिकररी फायर स्टेशन नैनीताल की एक संयुक्त टीम गठित करते हुए, अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह नगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करते हुए शीघ्र जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। जिसमें-

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नैनीताल नगर क्षेत्र में स्थापित फायर हाइड्रेट्स में से क्रियाशील/अक्रियाशील पाए गए हाइड्रेट्स का पृथक-पृथक विवरण उपलब्ध कराएंगे, tatha
प्रत्येक हाईड्रेंट तक दमकल वाहनों की वास्तविक पहुँच क्षमता का परीक्षण एवम प्रतिवेदन के साथ ही मरम्मत प्रतिस्थापन अथवा अतिरिक्त फायर हाइड्रेट स्थापना हेतु आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएँ।
व हाईड्रेंट में पानी की सीधी सप्लाई की व्यावहारिक संभावनाओं पर भी समिति रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी।
जिलाधिकारी ने समिति को त्वरित निरीक्षण कार्य प्रारम्भ करते हुए 7 दिन के भीतर जाँच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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