भीमताल में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित CE2CT 2026 का सफल समापन,नवीन विचारों और शोध को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच।

खबर शेयर करें

भीमताल/नैनीताल:- ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एडवांसेज़ इन कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज़ (CE2CT 2026)” का भव्य समापन हुआ। 2 से 4 जुलाई 2026 तक IEEE उत्तर प्रदेश सेक्शन के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान आयोजित मुख्य व्याख्यानों, तकनीकी सत्रों एवं शोध प्रस्तुतियों ने उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में नवीन विचारों और शोध को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

समापन समारोह का शुभारंभ निदेशक, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल द्वारा स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (ABV-IIITM), ग्वालियर सहित सभी विशिष्ट अतिथियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि CE2CT 2026 वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहा है तथा सम्मेलन के दौरान हुए सार्थक अकादमिक विमर्श और नवीन शोध विचार भविष्य में वैज्ञानिक सोच एवं अनुसंधान संस्कृति को और मजबूत करेंगे। उन्होंने IEEE उत्तर प्रदेश सेक्शन एवं आयोजन समिति के योगदान की सराहना करते हुए CE2CT 2027 को और अधिक प्रभावशाली बनाने का विश्वास व्यक्त किया।

यह भी पढ़ें 👉  उपलब्धि:-डॉ.शुभम चौधरी का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भुवनेश्वर में चयन, शोधार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले शोध के लिए प्रोत्साहन।

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह ने अपने संबोधन में तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में ऐसे सम्मेलनों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में तकनीक की क्षमताओं में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेंगे, इसलिए तकनीकी विकास के साथ कदम मिलाकर चलना आवश्यक है। उन्होंने ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनभर सीखने की प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने “Learn, Unlearn and Relearn” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाना और तकनीक को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है। उन्होंने सम्मेलन को “विचारों का विश्वकोश” बताते हुए प्रतिभागियों से यहां प्राप्त ज्ञान को समाज और मानवता के कल्याण में उपयोग करने का आह्वान किया।

यह भी पढ़ें 👉  इग्नू में जुलाई 2025 के प्रवेश प्रारंभ, अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 निर्धारित।

सम्मेलन के दौरान बेस्ट पेपर अवार्ड एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा के श्री अनंत सिंह एवं श्री अंबरमणि झा को प्रदान किया गया। इसके पश्चात अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का औपचारिक समापन हुआ।

यह भी पढ़ें 👉  उपलब्धि:- प्रो. दीवान एस. रावत को इंडियन केमिकल सोसाइटी द्वारा वर्ष 2025 का “आचार्य पी.सी.राय मेमोरियल लेक्चर अवॉर्ड”।

सम्मेलन में ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), देहरादून के कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) वी. के. सारस्वत, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. के. कश्यप, प्रो. एबरहार्ड माल्कोव्स्की (सर्बिया), प्रो. वेस्ना वेलिकोविक (सर्बिया), प्रो. समीना नाज़ (यूके), प्रो. नॉर्मा एलियास (मलेशिया), प्रो. एम. तनवीर (आईआईटी इंदौर), IEEE यूपी सेक्शन के प्रो. वरुण कक्कड़, प्रो. के. सी. मिश्रा, प्रो. असीम चंदेल, प्रो. जाविद अली (एएमयू अलीगढ़), प्रो. संजेय कुमार (एसआरएम यूनिवर्सिटी), डॉ. अमनदीप कौर (एनआईटी कुरुक्षेत्र) तथा डॉ. विश्वनाथ विजालवान (एमिटी यूनिवर्सिटी, पंजाब) सहित अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की सहभागिता ने सम्मेलन को विशेष गरिमा प्रदान की।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad