भवाली/नैनीताल:- श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के उप व्यास कैलाश चंद्र पांडे, व्यास कैलाश चंद्र सुयाल तथा इस श्रीमद् देवी भागवत कथा के आयोजक व मुख्य यजमान बालम सिंह मेहरा ने इस बात ओर सभी उपस्थित श्रृद्धालुओं का ध्यान आकृष्ट किया कि दिनांक १९ मार्च से एक गौ माता रोज अपराह्न २ बजे से श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनने के लिए भवाली देवी मंदिर के मुख्य द्वार के पास आकर कथा का आनन्द ले रही हैं।इस अद्भुत नजारे को देख कर सभी भक्त आश्चर्य चकित हैं।
श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अष्टम दिवस बुधवार को मुख्य यजमान श्रीमती नीलम मेहरा बालम सिंह मेहरा, बालम सिंह मेहरा जी की सुपुत्री पलक्षी, मनस्वी, यशस्वी, श्रीमती वसंती मेहरा सगत सिंह मेहरा,तथाआज की कथा के यजमानों में थे श्रीमती गीता मेहरा प्रमोद सिंह मेहरा,सुपुत्री आयुषी पुत्र आयुष,श्रीमती सुमीता काण्डपाल हरि शंकर काण्डपाल। प्रातःकाल आचार्य उप व्यास कैलाश चंद्र पांडे (ब्रह्मा),आचार्य कैलाश चंद्र जोशी, आचार्य नीरज पलड़िया, मोहन चन्द कपिल,दीपेश कपिल द्वारा नित्य पूजन,भगवती विग्रह पूजन, गणेश पूजन,पंचांग पूर्वांगादि पूजन,तथा मन्दिर परिसर में समस्त देवी-देवताओं का विधिवत पूजन अर्चन किया गया।आज की कथा से पूर्व संगीत गायकों आचार्य उमा शंकर कपिल,नीरज सती, आचार्य नीरज ढौंढियाल के द्वारा देवी भजन के बाद सामूहिक रूप से” श्री हनुमान चालीसा” पाठ किया गया।
व्यास कैलाश चंद्र सुयाल जी द्वारा मंगलाचरण के उपरांत महा गौरी तथा भगवान श्री राम का स्मरण करते हुए सभी श्रृद्धालुओं को श्री राम नवमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की गयी।
व्यास जी बतलाया कि इस वासंतिक नवरात्र में श्री राम नवमी की वृद्धि हुई है।व्यास जी ने यह भी बतलाया कि भगवती की कृपा होने से ही श्री राम को रावण से विजय प्राप्त हुई।आगे कथा में सुनाते हुए व्यास जी ने सूर्य वंशी राजाओं के विषय में जानकारी दी।व्यास जी ने कहा कि सूर्य वंश में राजा अज,रघु,भागीरथ,हरिश्चंद्र, दशरथ जैसे महान राजा हुए।राजा भागीरथ द्वारा मां गंगा को पृथ्वी पर लाने की कथा व राजा हरिश्चंद्र की कथा को विस्तार पूर्वक सुनाया गया।व्यास जी ने कहा कि राजा हरिश्चंद्र सत्य के पर्यायवाची बन गये।व्यास जी ने यह भी कहा कि इस समस्त ब्रह्माण्ड में एक मात्र सत्य है परमात्मा।इस समस्त ब्रह्माण्ड में सभी कुछ परिवर्तन शील है। इस बात को विज्ञान भी मानता है कि परमात्मा ही सत्य है।
संगीत गायकों के द्वारा कथा के बीच बीच में अनेक देवी भजनों का गायन किया गया,जिसमें मातृशक्ति द्वारा तथा सभी उपस्थित श्रृद्धालु भक्त जनों के द्वारा भी उन भजनों का आनन्द लिया गया।श्रीमद् देवी भागवत कथा के आयोजक व मुख्य यजमान बालम सिंह मेहरा जी के द्वारा कथा में पधारी सभी मातृशक्ति से जो मांगलिक परिधान पहनकर कथा में आने का विनम्र निवेदन किया था,आज कथा में लगभग सभी महिलाएं मांगलिक परिधान पहनकर पधारी,जिससे मंदिर परिसर की शोभा,देखते ही बन रही थी। व्यास जी ने सभी
श्रृद्धालुओं को इस बात की भी विशेष जानकारी दी कि इस कथा के आयोजक बालम सिंह मेहरा जी जो मुख्य यजमान है उनके द्वारा समस्त भवाली के जनमानस व इस समस्त उत्तराखंड की कुशलता, खुशहाली,सभी लोगों के उज्वल भविष्य,सुख शांति के उद्देश्य से श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
इस शुभ अवसर पर आज भी भारी संख्या में मातृशक्ति द्वारा इस श्रीमद् देवी भागवत कथा का आनन्द लिया गया।आज इस कथा में जमन सिंह रौतेला,तारा सिंह, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, मुन्ना जोशी,श्रीमती अनीता जोशी लक्ष्मी दत्त जोशी,प्रकाश जोशी,दिनेश आर्य,ज्योति साह, पम्मी तिवारी,श्रीमती हर्षित सुयाल,आरती भगत आदि ने भी कथा का आनन्द लिया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हरि शंकर काण्डपाल,महेश जोशी,मनीष साह,नवीन क्वीरा ,आरती भगत तथा अनेक श्रद्धालु भक्तों के द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है तथा आज भी हजारों भक्तों ने प्रसाद प्राप्त किया।




