नैनीताल:- नगर के अयारपाटा स्थित दुर्गा निवास क्षेत्र में उत्तराखंड जल संस्थान के जलाशय की सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय निवासी सुनील साह ने चिंता जताई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर जलाशय और उसकी सुरक्षा दीवार का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने के साथ मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में सुनील साह ने बताया कि जलाशय और संबंधित भूमि का मामला माननीय उत्तराखंड हाईकोर्ट में द्वितीय अपील के रूप में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि माननीय हाईकोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को पारित आदेश में जल संस्थान के अधिकारियों को पानी की टंकी से रिसाव एवं ओवरफ्लो रोकने तथा जलाशय और उसके आसपास के क्षेत्र सहित रिटेनिंग वॉल का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
सुनील साह का आरोप है की माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से सुरक्षा दीवार की deteriorating condition को सुधारने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने प्रार्थना पत्र में बताया कि दीवार में जगह-जगह क्षति दिखाई दे रही है और धीरे-धीरे इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। जलाशय में जमा पानी का दबाव दीवार को और नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और संपत्ति की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
सुनील साह ने अधिकारियों से जलाशय एवं सुरक्षा दीवार का तत्काल मौके पर निरीक्षण कराने और आवश्यक मरम्मत व सुदृढ़ीकरण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन का ही नहीं, बल्कि आमजन की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
सुनील साह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते जलाशय की सुरक्षा दीवार का निरीक्षण, मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण नहीं कराया गया और भविष्य में दीवार क्षतिग्रस्त होने से किसी प्रकार की जन-धन की हानि होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी कुमाऊं जल संस्थान के संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने विभाग से किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।







