कुमाऊँ विश्वविद्यालय द्वारा “कुमाऊँनी का बोलता शब्दकोश” विषयक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन, कुमाऊँनी भाषा संरक्षण में सराहनीय पहल।

खबर शेयर करें

नैनीताल:-कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग डी. एस. बी.परिसर तथा आई. क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्वावधान में “कुमाउनी का बोलता शब्दकोश” (Talking Dictionary of Kumaun) विषयक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुक्रवार को यूजीसी. एम एम. टीटीसी, नैनीताल में तृतीय दिवस रहा। इस दौरान पूर्व दो दिनों के कार्य को जारी रखते हुए लगभग 1956 शब्दों का मेटा डाटा निर्माण व रिकॉर्डिंग की गई। जिसके एक प्रारूप का प्रस्तुतीकरण कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के कुलपति व संरक्षक प्रो (कर्नल) दीवान सिंह रावत के समक्ष यूजीसी एमएमटीटीसी कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के देवदार सभागार में किया गया। जिसमें सोर्याली एवं खसपर्जिया बोली के शब्दों की व्याकरणिक कोटि को दर्शाते हुए उनके हिंदी तथा अंग्रेजी अर्थ के साथ-साथ साउंड रिकॉर्डिंग फाइल दर्शायी गई । कुलपति महोदय द्वारा इस कार्य की सराहना की गई तथा आगे भी इस तरह के कार्यों को करने की प्रेरणा व मार्गदर्शन दिया गया । अंत में कार्यशाला संयोजक प्रो चंद्रकला रावत द्वारा सभी का आभार व धन्यवाद प्रकट किया गया जिसके साथ कार्यशाला का समापन हुआ। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र सिंह राणा, प्रो कविता रस्तोगी, डॉ उमा भट्ट, प्रो चंद्रकला रावत, डॉ विष्णु कुमार सिंह, सुनीता भास्कर, डॉ सुमेधा शुक्ला, रूबी सिंह, मुकेश कुमार, डॉ मोहित रौतेला, श्री नवीन पालीवाल, सुश्री मेधा नैलवाल, डॉ कंचन आर्या, सृष्टि गंगवार, शिवानी शर्मा, रोहित सिंह , डॉ दीक्षा मेहरा आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉  जिलाधिकारी ने दो शस्त्र लाइसेंस किए निरस्त, जमीन विवाद में हुई थी फायरिंग।
ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad