नैनीताल:- उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक लोक पर्व हरेला के अवसर पर राज्यव्यापी वृहद वृक्षारोपण अभियान के क्रियान्यवन हेतु निर्धारित थीम “हर गॉव का यही पैगाम एक पेड़ मॉ के नाम” कार्यक्रम के अन्तर्गत न्यायमूर्ति श्री मनोज कुमार गुप्ता माननीय मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल, एवं अन्य न्यायमूर्तिगण, श्री मनोज तिवारी वरिष्ठ न्यायाधीश, श्री रवीन्द्र मैठानी न्यायाधीश, श्री राकेश थपलियाल न्यायाधीश, श्री पंकज पुरोहित न्यायाधीश, श्री सुभाष उपाध्याय न्यायाधीश एवं श्री सिद्धार्थ शाह न्यायाधीश माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा नैनीताल वन प्रभाग नैनीताल के मंगोली में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल एवं न्यायमूर्तिगण की धर्मपत्नियों द्वारा भी पौधरोपण कार्यक्रम में उपस्थित होकर पौधों का रोपण करते हुए वनों एंव पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर बॉज, देवदार, पुतली, उतीस, कचनार, काफल, रुद्राक्ष, मेहल, पदम, पारिजात, दाडिम, आवंला, तिमूर, मौलश्री, धौला, बुरॉस सहित विभिन्न प्रजाति के वृक्षों का रोपण किया गया।
इससे पूर्व, आकाश गंगवार प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल वन प्रभाग द्वारा माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्तिगण का स्वागत करते हुए हरेला कार्यक्रम की थीम एवं वृक्षारोपण अभियान के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। उनके द्वारा नैनीताल वन प्रभाग में पायी जाने वाली स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम में श्रीमती वन्दना गुप्ता, श्रीमती मन्जु तिवारी, श्रीमती शोभा मैठानी, श्रीमती राजेश्वरी पुरोहित, श्रीमती हरिप्रिया मेहरा, श्रीमती उमा उपाध्याय एवं श्रीमती दीप्ती शाह की गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर श्री योगेश कुमार गुप्ता रजिस्ट्रार जनरल, श्री डी. सी०एस रावत, अध्यक्ष बार एसोसिएसन नैनीताल, श्री चन्द्रशेखर जोशी अधिवक्ता, श्री गणेश कांडपाल, अपर महाधिवक्ता, श्री प्रदीप हेडिया, स्थायी अधिवक्ता, श्री मयंक जोशी अधिवक्ता, सहित माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे वन विभाग की ओर से सुश्री स्वाति, उप निदेशक जू, श्रीमती ममता चंद उप प्रभागीय वनाधिकारी, श्री नितिन पन्त, श्री ललित मोहन कार्की, श्री मनोज भगत वन क्षेत्राधिकारी, श्री आनन्द लाल आर्या वन क्षेत्राधकारी, सहित समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।


