भीमताल/नैनीताल:-ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर में गुरुवार को शिप्रा कल्याण समिति के सहयोग से पर्यावरणीय सततता एवं जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन विषय पर एक प्रभावशाली संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता कर वर्तमान समय की गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों पर व्यावहारिक और ज़मीनी समाधानों पर मंथन किया।
संगोष्ठी का शुभारंभ “ग्रीन वेलकम” के साथ किया गया, जिसमें अतिथि वक्ताओं को पौधे भेंट कर विश्वविद्यालय की ओर से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
तकनीकी सत्र में प्रख्यात पर्यावरण विशेषज्ञ श्री लालसिंह चौहान (सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी एवं शिप्रा कल्याण समिति के तकनीकी सलाहकार) तथा श्री जगदीश नेगी (अध्यक्ष, शिप्रा कल्याण समिति; सदस्य, जिला गंगा संरक्षण समिति एवं स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर, भवाली) ने अपने व्यापक क्षेत्रीय एवं नीतिगत अनुभव साझा किए।
वक्ताओं ने जल प्रबंधन को पर्यावरणीय मजबूती का प्रमुख आधार बताते हुए स्थल पर जल संरक्षण, रन-ऑफ प्रबंधन संरचनाएं, कंटूर ट्रेंचिंग जैसे उपायों पर प्रकाश डाला, जो पर्वतीय क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण एवं मृदा संरक्षण में सहायक हैं।
श्री लालसिंह चौहान ने असिस्टेड नेचुरल रीजेनेरेशन (ANR) की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए क्षतिग्रस्त वनों के पुनर्जीवन और स्थानीय जैव विविधता संरक्षण में समुदाय की भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।
वहीं श्री जगदीश नेगी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर अपने विचार रखते हुए स्रोत पर कचरा पृथक्करण, इको-ब्रिक्स तथा प्लास्टिक अपसाइक्लिंग जैसे व्यावहारिक और विस्तार योग्य समाधानों को प्रस्तुत किया, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिल सके।
कार्यक्रम का समापन नदी पुनर्जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन तथा संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से वास्तविक पर्यावरणीय समस्याओं पर प्रश्नोत्तर किए।
समापन सत्र में भीमताल परिसर के निदेशक ने अतिथि वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके व्यावहारिक अनुभवों से सीखने के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में शिप्रा कल्याण समिति एवं सभी अतिथियों के प्रति औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया।






