प्राथमिक विद्यालयों के साथ भेदभाव अन्यायपूर्ण, शिक्षकों में गहरी नाराजगी।

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नैनीताल:- पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य के प्राथमिक विद्यालय को विद्यालय विकास अनुदान की दूसरी अंतिम किस्त का बजट ही रिलीज नहीं किया गया जिससे प्राथमिक शिक्षकों में गहरी नाराजगी है, उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंतर्गत विद्यालयों के विकास हेतु विभिन्न मदों में धनराशि दो किस्तों में जारी की जाती है जिसमें से बजट का आधा हिस्सा पहली किस्त के रूप में और अवशेष हिस्सा दूसरी किस्त के रूप में भेजा जाता है परंतु इस बार शिक्षक इंतजार करते रहे परंतु बजट की अंतिम जारी नहीं हुई जबकि माध्यमिक विद्यालय हेतु बजट की दूसरी किस्त जारी कर दी गई है जिससे शिक्षकों में गहरी नाराजगी है।
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन ने इसे प्राथमिक विद्यालयों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
संगठन का कहना है की प्रारंभिक शिक्षा के प्रति इसी उदासीनता के चलते आज समाज का रुझान सरकारी विद्यालयों के प्रति कम हो रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारी मनोज तिवारी ने ने कहा कि बजट जारी नहीं होने से उन शिक्षकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है जिन्होंने दूरस्थ विषम क्षेत्र में होने के कारण प्रत्येक वर्ष की भांति प्रथम किस्त के साथ ही भुगतान की प्रत्याशा में अग्रिम में कार्य करवा दिया है उन्होंने इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री सहित शासन एवं विभाग को पत्र भेज कर शीघ्र बजट जारी करने की मांग की है।

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