नैनीताल:- नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन द्वारा सरोवर नगरी में कम होते पर्यटन को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता आहूत की गई, जिसमें होटल एसोसिएशन के समस्त पदाधिकारी शामिल हुए। पुरे उत्तराखंड में पर्यटन के दृष्टिगत आई कमी पर प्रकाश डालते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने बताया कि इस साल नैनीताल में ही नहीं बल्कि मसूरी व उत्तराखंड के अन्य पर्यटक स्थल खाली पड़े थे, नैनीताल में भी पर्यटन व्यवसाय में काफी कमी आई जबकि नगर में पुलिस प्रशासन के द्वारा पर्यटक को यह संदेश दिया गया कि होटल भरे हैं और जाम लगा है। श्री बिष्ट ने मुख्यतः पुलिसिया प्रणाली को पर्यटन में कमी का कारण माना और साथ में कुछ और बिंदुओं पर भी विचार करना आवश्यक माना।
पुलिस का डाइवर्जन प्लान
एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने कहाॅ कि पुरे प्रदेश के पर्यटक नगरी में पुलिसिया स्थिति काफी खराब है, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये एक तरह सरकार विंटर फेस्टिवल करती हैं और पुलिस के व्यवहार और पुलिस के डाइवर्जन प्लानो से पर्यटक घबराकर वापस भाग रहे हैं। मसूरी में भी ट्राफिक प्लान के कारण बुरी स्थिति है।नगर में इनके ट्रैफिक प्लान के चलते हमारे रिश्तेदार तक नैनीताल या पहाड़ नहीं पहुंच पा रहे हैं, पुलिस अपना रोड प्लान बना लेती है और प्रेस के माध्यम से प्रचार प्रसार कर लेती है हमें बस मात्र औपचारिकता के लिए बुला लिया जाता है। हम विरोध भी करे तो अधिकारी सुनते नही ,हम इसको लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
अपंजीकृत होटल होम स्टे
श्री बिष्ट ने बताया कि नैनीताल में 400 होटल और होम स्टे पंजीकृत हैं, जबकि इतने ही अपंजीकृत हैं। यह होटल मनमर्जी से होटल चला रहे हैं इनकी अवैध कारोबार की एक गैंग चल रही है। पुलिस इन पर लगाम क्यों नहीं लगा रही है? ये मनमाने तरीके से व्यवसाय करते हैं, ये कार्यप्रणाली पर्यटकों को पहाड़ में आने से हतोत्साहित करती है।
नैनीताल में तो तभी भी थोड़ा बहुत काम है, लेकिन पहाड़ों में मुश्किलें बढ़ गई हैं,लोग लोन जमा नहीं कर पा रहे हैं। अगर पर्यटन उद्योग पटरी पर नहीं आता तो लोग सड़कों पर आ जाएंगे। चार धाम समेत अन्य जगहों में ऑनलाइन फ्रॉड चल रहा है जिसे रोकना जरूरी है। इस पर कानून बनाने की जरूरत है। पार्किंग और चुंगी के रेट भी ज्यादा होने से पर्यटन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। प्रदेश में सड़कों की स्थिति काफी खराब है, नैनीताल में मॉल रोड का कार्य 7 साल बाद शुरू हुआ।
इस सभी मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ वार्ता होनी चाहिए।
इस दौरान, एसोसिएशन के महासचिव वेद साह, उपाध्यक्ष आलोक साह, कोषाध्यक्ष सी.पी.भट्ट, उप सचिव स्नेह छाबड़ा, पी.आर.ओ.रुचिर साह, आलोक साह, रमनजीत सिंह, जतिन जेठी आदि मौजूद रहे।


