भीमताल में समाज सेवी ने वर्षो से सूखे स्रोत को बताया प्रशासन की लापरवाही, सूखने के कारणों की जांच एवं सूखे जल स्रोत को पुनर्जीवित करने की माँग।

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भीमताल:- जहाँ शासन-प्रशासन जल संरक्षण पर बड़ी-बड़ी बाते एवं सेमिनार करते है वही झीलों के शहर भीमताल कुमाऊँ राज मार्ग पर सदियों से बहने वाला 15 से 20 लीटर प्रति मिनट की क्षमता से ये जल स्रोत 3 साल पूर्व से सूख चुका है, जिसके सूखने के कारण पता करने पर जल संस्थान, सिंचाई विभाग, वन विभाग, प्राधिकरण विभाग, नगर पंचायत एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौन बैठे हैं, जबकि ये जल स्रोत भीमताल झील को रीचार्ज करने का मुख्य स्रोत था, इसके सूखने से सभी नगर वासी काफी चिंतित हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने जीवन काल में पहली बार ये स्रोत सूखा देखा, इस जल स्रोत के सूखने से आस-पास के इलाके में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है,जल संरक्षण से जुड़ी गंभीर एवं चिंतित समस्या को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने अब तक तमाम दर्जनों बार मांग निम्न स्तर से लेकर मुख्यमंत्री तक माँग की, किन्तु शासन-प्रशासन इस ओर कार्यवाही करने में असमर्थ दिखा, उन्होंने बताया कि पूर्व में माननीय मुख्यमंत्री जी के घोड़ाखाल मंदिर आगमन पर उन्हें प्रत्यक्ष स्वयं मांग की थी जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से 11 मई 2022 को पत्रांक संख्या 4511 का संज्ञान लेकर प्रशासन को जांच के निर्देश दिए थे, किन्तु उसके बाद अब तक कोई सूचना नहीं मिली, उसके बाद भी कुमाऊँ आयुक्त, जिलाधिकारी, एसडीएम, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा भी निर्देश कराए किन्तु ये आज भी सूखा पड़ा है, अब फिर गर्मी आने वाली है नगर वासी सभी चिंतित हैं एसे ही जल धाराएं सूखती रही और प्रशासन जांच करने में नाकाम रहे तो फिर बड़ी-बड़ी बाते जल संरक्षण पर करने से कोई लाभ नहीं, ब्रजवासी ने आज पुनः सहायक परियोजना निदेशक ‘डीआरडीए’ चन्द्रा फरत्याल को सूखे जल स्रोत की तत्काल जाँच एवं उसे पुनर्जीवित करने हेतु माँग की उन्होंने बताया इसको सारा प्रोजेक्ट के तह पुनर्जीवित किया जाएगा इसके लिए बीडीओ भीमताल को उन्होंने निर्देश दिए l

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