नैनीताल:- जिला बार एसोसिएशन,नैनीताल द्वारा श्री अरुण बिष्ट की अध्यक्षता मे एक शोक सभा आयोजित हुई जिसमे पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूरी जी के निधन पर शोक व्यक्त किया गया ।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी का उपचार अस्पताल में चल रहा था।
उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
जनरल खंडूरी ने उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त लोकायुक्त बिल पेश कर राजनीतिक हलकों में मिसाल कायम की। इस कानून के दायरे में मुख्यमंत्री को भी शामिल किया गया था। उन्होंने सरकारी सेवाओं को समयबद्ध बनाने के लिए कानून लागू किया ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर नकाटने पड़ें। तबादला नीति को पारदर्शी बनाकर
उन्होंने सिफारिशी संस्कृति पर रोक लगाने की कोशिश की और साफ संदेश दिया कि काम नहीं तो वेतन नहीं।
2011 में जब भाजपा की छवि संकट में थी, तब ‘खंडूरी है जरूरी’ का नारा पूरे प्रदेश में गूंजा।
उनके नेतृत्व में भाजपा ने 2012 विधानसभा चुनाव लड़ा खुद कोटद्वार में शानदार प्रदर्शन किया, हालांकि वे सीट से मामूली अंतर से हार गए। बावजूद इसके,जनरल खंडूरी उत्तराखंड में सुशासन की मिसाल बनकर हमेशा याद किए जाएंगे।
जिला बार एसोसिएशन ,नैनीताल की शोक सभा में सचिव श्री संजय सुयाल, श्री ज्योति प्रकाश, श्री दयाकृष्ण पोखरिया, श्री नवीन भटट ,श्री कमल सुयाल, श्री राकेश सुयाल, श्री भगवत जन्तवाल,श्री निलेश भटट ,श्री राजेन्द्र परगाई, श्री सोहन तिवारी, श्री प्रदीप परगाई,श्री आनंद पडियार एवं अन्य ने स्व ० खण्डूरी जी के कार्यो पर प्रकाश डाला एवं श्रद्धांजली दी।
पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी जी की अंतेष्टि 20 मई को पुलिस सम्मान के साथ सम्पन्न होगी, इस अवसर पर बुधवार को राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के आकस्मिक निधन के कारण, प्रदेश में 19 मई से 21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है, इस दौरान समस्त सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। साथ ही कोई शासकीय मनोरंजन के कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किए जाएंगे।


