नई दिल्ली:- लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर लोकनायक जयप्रकाश एवं युवा संवाद तथा जेपी इंटरनेशनल अवॉर्ड्स 2025 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन रविवार को सत्याग्रह मंडप, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, राजघाट, नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केंद्र द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री ब्रज किशोर त्रिपाठी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती रश्मि सिंह (आईएएस), सचिव (कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग), उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में श्री विजय गोयल, जेपी सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री, ने मुख्य वक्तव्य देते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण के लोकतांत्रिक मूल्यों, युवाओं की भूमिका और ‘सम्पूर्ण क्रांति’ के विचारों को रेखांकित किया।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय, दीर्घकालीन और राष्ट्रहित में योगदान देने वाली प्रतिष्ठित विभूतियों को जेपी इंटरनेशनल अवॉर्ड्स 2025 से सम्मानित किया गया।
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से श्री विजय गोयल (जेपी सेनानी) एवं श्री ज्ञानेंद्र रावत, प्रख्यात पर्यावरणविद एवं वरिष्ठ पत्रकार, को सम्मानित किया गया।
सामाजिक क्षेत्र में डॉ. महेंद्र कुमार गुप्ता, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, तथा डॉ. राकेश रफीक, जेपी आंदोलनकारी एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, को सम्मान प्रदान किया गया।
कला एवं संस्कृति क्षेत्र में डॉ. चंदना राउल, ओडिसी नृत्यांगना एवं सामाजिक कार्यकर्ता, डॉ. रंजन कुमार, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध वायलिन वादक, तथा लोकनायक कलाश्री सम्मान से डॉ. शैलेश श्रीवास्तव, नाट्य एवं शोध कार्य हेतु, अलंकृत किए गए।
शिक्षा क्षेत्र में डॉ. विश्वा रंजन त्रिपाठी, संस्कृत शिक्षाविद्, एवं श्रीमती कामना झा, संस्थापक मैन पीस फाउंडेशन, को सम्मानित किया गया।
साहित्य क्षेत्र में डॉ. रफीक़े मसूदी, पूर्व महानिदेशक, दूरदर्शन, तथा डॉ. मूलचंद, संस्कृत साहित्य, को सम्मान प्रदान किया गया।
व्यवसाय एवं उद्यमिता क्षेत्र में सैयद तहसीन अहमद, उपाध्यक्ष अल-क़लम एजुकेशनल ट्रस्ट एवं संस्थापक अध्यक्ष रहनुमा फाउंडेशन, को सम्मान मिला, जबकि फिल्म अभिनय एवं टेलीविजन क्षेत्र में श्री अरविंद अरोड़ा ‘बिग-बी’, प्रसिद्ध अमिताभ बच्चन मिमिक्री कलाकार, को सम्मानित किया गया।
पर्यावरण क्षेत्र में श्री संजय राणा, श्री श्यामलाल भाई प्रकृति प्रेमी, अध्यक्ष लोक पर्यावरण शिक्षा संस्थान, तथा श्री चतर सिंह, प्राकृतिक कृषक, को सम्मान प्रदान किया गया।
पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में पद्मश्री डॉ. विजयदत्त श्रीधर, लेखक एवं माधव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान के संस्थापक, को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, वहीं श्री मुकेश कुमार, ग्रुप एडिटर, साधना मीडिया ग्रुप, को भी सम्मान प्रदान किया गया।
विधि एवं न्याय क्षेत्र में डॉ. फैसल अली खान, अधिवक्ता एवं प्रोफेसर, दून स्कूल ऑफ लॉ, तथा श्री विक्रम सिंह राठौड़, अधिवक्ता, राजस्थान हाईकोर्ट एवं बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी सचिव, को सम्मानित किया गया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में डॉ. महीप भटनागर, पूर्व प्रोफेसर एवं डीन, विज्ञान संकाय, एम.एल.एस. विश्वविद्यालय, उदयपुर, को सम्मान प्रदान किया गया।
महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक क्षेत्र
डॉ. अनुभा पुंडीर, एसोसिएट प्रोफेसर, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी (GEHU) एवं रघुकुल आर्यावर्त की उपाध्यक्ष, को महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया। वे एक प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता हैं और ‘भारतीय झोला नारी’ एवं ‘एशियन झोला वॉरियर’ के नाम से व्यापक रूप से जानी जाती हैं।
डॉ. पुंडीर पिछले 12 वर्षों से निरंतर ‘झोला अभियान’ के माध्यम से प्लास्टिक-मुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इसके साथ-साथ वे भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) आधारित नृत्य चिकित्सा एवं यज्ञ चिकित्सा के माध्यम से समाज में जागरूकता और समग्र कल्याण का संदेश दे रही हैं।
उनके उल्लेखनीय सामाजिक एवं पर्यावरणीय योगदान के लिए उन्हें पूर्व में SAARC, संयुक्त राष्ट्र (UN), ICONGO तथा उत्तराखंड रत्न जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से भी अलंकृत किया जा चुका है।
संपादकीय वक्तव्य
जेपी इंटरनेशनल अवॉर्ड्स केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि अपने आप में सामाजिक, बौद्धिक और नैतिक उत्कृष्टता की एक उच्चतम उपाधि हैं। ये पुरस्कार वर्षों की अथक मेहनत, निरंतर साधना और राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा के प्रतीक हैं। यह मंच पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी अनेक पद्मश्री एवं पद्मविभूषण सम्मानित विभूतियों को नमन करता है, जो इसकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम का समापन लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने के संकल्प के साथ हुआ।



