नैनीताल:- जिले में विकसित भारत युवा संसद–2026 का सफल आयोजन मेरा युवा भारत नैनीताल, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के समन्वय से बुधवार को सभागार, डीएसबी परिसर, नैनीताल में किया गया, कार्यक्रम में नैनीताल जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए 50 से अधिक युवाओं ने “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
उद्घाटन सत्र में प्रो. संजय पंत, डी एस डब्ल्यू, प्रो. ललित तिवारी, डॉ. शिवांगी चन्याल, एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी एवं श्रीमती डॉल्वी तेवतिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. सुषमा टम्टा, प्रो. हरि प्रिया पाठक, डॉ. नवीन चंद्र पांडेय , श्री अंचल पंत ,डॉ ललित तिवारी सम्मिलित रहे।
इस अवसर पर श्रीमती डॉल्वी तेवतिया, उपनिदेशक, मेरा युवा भारत नैनीताल ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि “विकसित भारत युवा संसद” युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक समझ और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह मंच युवाओं को समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर संवाद, विचार-विमर्श और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
प्रॉफ पंत ने कहा कि देश का संविधान सबसे बड़ा है तथा यह हर व्यक्ति के अधिकारों को सुरक्षित रहता है । ये वो दस्तावेज है जो राष्ट्र के पार्टी निष्ट ,समरूपता को निरूपित करता है । आपातकाल का समय इसका नकारात्मक पक्ष रहा है ।
प्रो. ललित तिवारी ने युवाओं को विकसित भारत में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा युवा राष्ट्र की ऊर्जा हैं। शिक्षा, नवाचार, लोकतांत्रिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से युवा विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। नीति संवाद, जनभागीदारी और नैतिक नेतृत्व से वे समावेशी, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की दिशा तय करते हैं।
प्रतियोगिता में कुल 50 प्रतिभागियों में से शीर्ष 5 प्रतिभागी— अर्नव त्रिपाठी, नकुल देव साह, नंदिनी जोशी, प्राची जोशी एवं दिपांशु— का चयन राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद–2026 हेतु किया गया, जहाँ उन्हें विधान सभा, देहरादून में अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। शीर्ष 10 में अन्य पांच कार्तिकेय, दीपक, तिलक, निहारिका एवं लक्षा शामिल रहे।
कार्यक्रम में पीएफ संजय पंत एवं दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा को शॉल उड़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह एवं पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया गया । सभी निर्णायकों को पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । राष्ट्रगान से प्रारंभ इस कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ ।
प्रमाण पत्र वितरण एवं समापन सत्र में मुख्य अतिथि दर्जा मंत्री श्रीमती शांति मेहरा उपस्थित रहीं। उन्होंने विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
दर्जा मंत्री श्रीमती शांति मेहरा ने विकसित भारत 2047 पर अपने विचार साझा करते हुए कहा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य समावेशी विकास, मजबूत लोकतंत्र, तकनीकी नवाचार और सामाजिक न्याय पर आधारित है। युवाओं की भागीदारी, कौशल विकास और जिम्मेदार नागरिकता से भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. ललित तिवारी एवं डॉ शिवांगी सी चन्याल द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वसुंधरा ,लता सुमन , आरती, हितेश, वैशाली ,विशाल ,गौरव एवं दीपक ,कुंदन , अजय आदि का विशेष सहयोग रहा।




