नैनीताल:-सरोवर नगरी में रविवार को श्री राम सेवक सभा में महाशिवरात्रि पर भजन तथा शिव धूनी का आयोजन किया गया जिसमें प्राणिमात्र के लिए प्रार्थना की गई । सतीश पांडे ,रक्षित साह , राहुल जोशी ,दिया ,अनुष्का के नेतृत्व में बाल कलाकारों ने शिव स्तुति के साथ शिव भजन प्रस्तुत का सभी के लिए भगवान शिव से आशीर्वाद मांगा ।माघ फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है जो निराकार परमात्मा शिव जन्म- मरण से न्यारे अथवा अयोनि हैं। शिव का अन्य महापुरुष या देवता की तरह कोई लौकिक या शारीरिक जन्म नहीं होता ।
माना जाता है कि सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ था, पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग (जो महादेव का विशालकाय स्वरूप है) के उदय से हुआ। इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव व पत्नी पार्वती की पूजा होती हैं। वर्ष में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से शिवरात्रि का अर्थ है रात, वह समय है जो आपको विश्राम या शांति प्रदान करती है, जब सब कुछ शांत और स्थिर हो जाता है। शिवरात्रि केवल शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि मन और अहंकार के लिए भी विश्राम का समय है। जब मन, बुद्धि और अहंकार ईश्वर में विश्राम करते हैं, वही वास्तविक विश्राम है, और सबसे गहरा विश्राम – पूर्ण शांति है। शिवरात्रि पर पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध ऐसी स्थिति में होता है जिससे मनुष्य में ऊर्जा का स्वाभाविक प्रवाह होता है । यह वह दिन है जब प्रकृति व्यक्ति को उसकी आध्यात्मिक ऊँचाई की ओर धकेलती है। ऊर्जा का विस्फोट तथा आध्यात्मिक ऊर्जाओं के लिए साधक इस ब्रह्मांडीय शक्ति को आत्मसात करने के लिए जागते है ।
क्योंकि यह अहंकार के त्याग और चेतना जागरण का पर्व है। यह हमें सिखाती है कि शिव का अर्थ है शून्यता, स्थिरता और संतुलन जो आत्मिक विकास से जुड़ी हुई है।
आज के शिवरात्रि कार्यक्रम अध्यक्ष मनोज साह ,महासचिव जगदीश बावड़ी , अशोक साह ,प्रबंधक बिमल चौधरी , कोषाध्यक्ष विमल साह ,पूर्व संरक्षक गिरीश जोशी ,पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी , मुकुल जोशी ,कैलाश बोरा गोविंद सिंह , मोहित लाल साह ,हरीश राणा , ,किशन नेगी ,आनंद बिष्ट शामिल रहे ।





