रिपोर्ट:- कमल जगाती, नैनीताल।
नैनीताल:- ऊत्तराखण्ड में नैनीताल के पहाड़ी क्षेत्रों में महिला पर हमला कर ग्रामीणों में खौफ पैदा करने वाला गुलदार हुआ पिंजरे में कैद। दस पिंजरे और पचास कैमरा ट्रेपों की मदद से वन विभाग ने गुलदार को किया रैस्क्यू।
ज्ञात हो कि नैनीताल के धारी ब्लॉक स्थित दीनी तल्ली गांव में 26 दिसंबर 2025 को महिला पर हमला कर मौत के घाट उतारने वाले गुलदार की तलाश तभी से चल रही थी। स्थानीय निवासी गोपाल बर्गली की पत्नी हेमा बर्गली गुलदार के हमले में अचेत हो गई थी। गुलदार हेमा को रगड़ते हुए जंगल की तरफ ले गया। वहां मौजूद लोगों के हल्ला मचाने के बाद गुलदार हेमा को तो छोड़ गया, लेकिन तब तक हेमा की जान चली गई थी। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने जमकर आंदोलन किया था और अपनी नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद वन विभाग के लिए गुलदार का घटनास्थल के समीप लगातार देखा जाना चुनौती बना था।
राजस्व, वन और पुलिस टीम ने क्षेत्र में गश्त की,हमलावर को रैस्क्यू करने के लिए लिए वन विभाग ने गुलदार के संभावित ठिकानों पर 8 से 10 पिंजरे और 50 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए। इतना ही नहीं टीम बनाकर दिन रात क्षेत्र में गश्त की गई। आज तड़के सवेरे पहाड़पानी में एक गुलदार पिंजरे में फंस गया।
एस.डी.ओ.ममता चंद ने बताया कि गुलदार को रैस्क्यू किया गया है, इसे रानीबाग रैस्क्यू सेंटर लाया जाएगा और इसके सभी संभावित टैस्ट किये जाएंगे।
डी.एफ.ओ.आकाश गंगवार के निर्देशों पर
आर.ओ.नितिन पंत, विजय मेलकानी और हरीश टम्टा के नेतृत्व में चले रैस्क्यू अभियान में पहले चरण की सफलता मिली है।


