भीमताल:- ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल कैंपस में ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), उत्तराखंड सरकार के सहयोग से 29 जनवरी 2026 से दस दिवसीय संयुक्त वर्कशॉप-कम हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरों की व्यावहारिक और डिजिटल तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है, ताकि ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन बेहतर ढंग से किया जा सके।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में ग्रामीण कार्य विभाग, उत्तराखंड के मुख्य अभियंता इंजीनियर अनिल कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इंजीनियरों के लिए व्यावहारिक ज्ञान अत्यंत आवश्यक है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन में सहायक होते हैं।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए भीमताल कैंपस के निदेशक प्रो. (कर्नल) ए. के. नायर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से इंजीनियरों को वास्तविक कार्य अनुभव मिलता है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं का भरपूर उपयोग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, देहरादून के सहायक डीन (प्रशिक्षण एवं परियोजनाएं) एवं कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ. श्याम कापरी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, संरचना और अपेक्षित परिणामों की जानकारी दी।
कार्यशाला के पहले दिन तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। पहले दो सत्रों में श्री नागेंद्र सिंह गैरा ने ऑटोकैड सॉफ्टवेयर के इंटरफेस, मूल कमांड और 2डी ड्राइंग तकनीकों—जैसे लाइन, सर्कल और रेक्टेंगल—का प्रशिक्षण दिया। साथ ही ड्राइंग में संशोधन और सुधार के लिए आवश्यक एडिटिंग कमांड्स की जानकारी दी गई। तीसरे सत्र में श्री नमन तिवारी ने बिल्डिंग ड्रॉइंग्स का परिचय दिया तथा एक असाइनमेंट के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास कराया।
यह दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम इंजीनियरों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा और राज्य में ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाओं की बेहतर योजना एवं सुचारु क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


